दुर्ग। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे लोग जहां गर्मी से बेहाल हैं, वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी हालात चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भिलाई स्थित मैत्रीबाग चिड़ियाघर में जानवरों को हीटवेव से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
मैत्रीबाग, जो भिलाई की प्रमुख पहचान में से एक है, यहां मौजूद सफेद बाघों के लिए खास व्यवस्था की गई है। वर्तमान में यहां पांच सफेद बाघ हैं, जो अत्यधिक गर्मी के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में बीएसपी प्रबंधन द्वारा उनके स्वास्थ्य और आराम को प्राथमिकता देते हुए कई उपाय किए जा रहे हैं।
शनिवार को बाघ ‘राणा’ और ‘सिंघम’ को ठंडक देने के लिए विशेष रूप से शावर दिया गया। दोपहर के समय उनके बाड़े में नियमित रूप से पानी की फुहार चलाई जा रही है, जिससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहे। इस व्यवस्था से बाघों को काफी राहत मिल रही है और वे पहले की तुलना में अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा बाघों के बाड़ों में कूलर भी लगाए गए हैं, ताकि वातावरण को ठंडा रखा जा सके। प्रबंधन का कहना है कि जल्द ही अन्य बाड़ों में भी हाई पावर कूलर लगाए जाएंगे। कोशिश यह है कि जानवरों को ऐसा माहौल उपलब्ध कराया जाए, जैसा उन्हें प्राकृतिक जंगलों में पेड़ों की छांव और नमी के बीच मिलता है।
सिर्फ बाघ ही नहीं, बल्कि अन्य जानवरों के लिए भी पानी, छाया और ठंडक की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। नियमित रूप से पानी का छिड़काव, अतिरिक्त पानी की उपलब्धता और खानपान में भी बदलाव कर उन्हें गर्मी से राहत देने की कोशिश की जा रही है।
बीएसपी प्रबंधन के इन प्रयासों को देखकर यह कहा जा सकता है कि जहां एक ओर भीषण गर्मी से इंसान परेशान हैं, वहीं मैत्रीबाग में जानवरों की देखभाल के लिए संवेदनशील और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।