"कृष्णानगर बना आस्था का केंद्र: कन्हैया सोनी की मौजूदगी में गूंजे जस गीत, लोक संस्कृति के रंग में रंगा भिलाई"
भिलाई के कृष्णानगर में आयोजित भव्य जस गीत एवं झांकी प्रतियोगिता ने धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का अनुपम संदेश दिया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य (ओबीसी मोर्चा) कन्हैया सोनी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। हजारों श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों की सहभागिता से पूरा कृष्णानगर भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हुए सुप्रसिद्ध लोक कलाकार दुकालू यादव ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। जस गीतों की स्वर लहरियों और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को देर रात तक बांधे रखा और छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
इस अवसर पर कन्हैया सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत हमारी सबसे बड़ी पहचान है। जस गीत और झांकी जैसे आयोजन न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कन्हैया सोनी ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब समाज तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, तब ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने आयोजकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन और सामाजिक सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम का सफल आयोजन वार्ड पार्षद राजा बंजारे एवं संयोजक मंगल वर्मा के नेतृत्व में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा। इस अवसर पर नरेंद्र बांधे, मातृशक्ति, युवा साथी, कलाकारगण एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
झांकी प्रतियोगिता में प्रस्तुत आकर्षक धार्मिक झांकियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वहीं जस गीतों की प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोक कला और सांस्कृतिक गौरव को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा रहता है, तभी वह विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कन्हैया सोनी ने आयोजन समिति, कलाकारों, मातृशक्ति, युवा साथियों एवं सभी सहयोगियों को इस सफल और भव्य आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की कामना व्यक्त की।
कृष्णानगर का यह आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति आज भी जन-जन के हृदय में जीवंत है और समाज को एक सूत्र में बांधने की अद्भुत क्षमता रखती है।
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