चमोली टनल हादसा: छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत, दो घायल; राहत और बचाव कार्य जारी
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में गुरुवार शाम हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर घायल हुए हैं। विष्णुगाड–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की करीब तीन किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन टनल में अचानक भूस्खलन के बाद बड़ी मात्रा में पानी, मलबा और पत्थर घुसने से वहां काम कर रहे मजदूरों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद देर रात तक राहत और बचाव अभियान जारी रहा।
हादसे में छत्तीसगढ़ के लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम और भुनेश्वर पुत्र सुरेंद्र कुमार की मौत हुई है। वहीं सुनील दीवान पुत्र संतोष दीवान (20) और पेन सिंह पुत्र पीला सिंह (33) घायल हुए हैं। घायलों का जिला अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।
लैंडस्लाइड के बाद तेजी से टनल में घुसा मलबा और पानी
बताया जा रहा है कि गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक बड़ी मात्रा में मलबा और पानी घुस आया। टनल के भीतर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मलबा और पानी तेज गति से अंदर आने के कारण कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय टनल के अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से कई मजदूरों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि कुछ मजदूरों की तलाश और बचाव का काम जारी है।
घायल मजदूर ने बताई हादसे की भयावहता
हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उनके अनुसार, उस समय टनल के अंदर करीब 16 से 17 लोग मौजूद थे।
सुनील ने बताया कि अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ। इसके बाद मलबा, पानी और पत्थर तेज गति से टनल के भीतर आने लगे। मलबे के तेज दबाव के कारण कई मजदूर दूर जा गिरे, जबकि कुछ मजदूर मलबे में दब गए। अचानक हुए इस हादसे से वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला।
तेज आवाज के बाद गुल हो गई बिजली
ओडिशा निवासी मजदूर जगेश्वर ने भी हादसे के समय की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह टनल से निकलने वाले पानी को पंप के जरिए बाहर भेजने का काम करते हैं।
जगेश्वर के मुताबिक, शाम करीब छह बजे अचानक एक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी भयावह थी कि सभी लोग घबरा गए। इसी दौरान टनल की बिजली भी गुल हो गई। हादसे के समय वह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया। मलबे और पानी के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। कुछ घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी है।
छत्तीसगढ़ के मजदूरों में शोक
चमोली टनल हादसे में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत की खबर से उनके परिवारों में मातम पसरा है। हादसे में घायल दोनों मजदूरों का उपचार जारी है। परिजनों और स्थानीय लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने और अन्य मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार है।
प्रशासन और राहत-बचाव दल की ओर से टनल में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मलबा हटाने और टनल के भीतर पहुंच बनाने का काम जारी है।
नोट:उपलब्ध जानकारी में टनल में फंसे मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसलिए अंतिम समाचार प्रकाशन से पहले प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के आधार पर फंसे, सुरक्षित निकाले गए, मृत और लापता मजदूरों की संख्या अपडेट करना उचित होगा।
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