भिलाई PP यार्ड में CBI की दबिश, रनिंग बिल के बदले ‘मोटी रकम’ मांगने की शिकायत; सीनियर DME से पूछताछ
भिलाई/दुर्ग। चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में गुरुवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम अचानक पहुंची। एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी पर ठेकेदार के रनिंग बिल को पास कराने के एवज में कथित तौर पर रकम मांगने की शिकायत के बाद यह कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। CBI की टीम ने सीनियर डीएमई अनमोल उइके के कार्यालय में पहुंचकर उनसे पूछताछ की और संबंधित दस्तावेजों व रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, सीनियर डीएमई अनमोल उइके के खिलाफ दिल्ली स्थित CBI में शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रेलवे में काम करने वाले एक कॉन्ट्रैक्टर के रनिंग बिल को मंजूरी देने के बदले रकम की मांग की गई। शिकायत सामने आने के बाद CBI ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक स्तर पर जांच शुरू की। इसके बाद अधिकारियों की एक टीम चरोदा स्थित पीपी यार्ड पहुंची।
करीब आठ सदस्यीय टीम पहुंची यार्ड
रेलवे से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार, CBI की करीब आठ सदस्यीय टीम चरोदा पीपी यार्ड पहुंची। टीम में दिल्ली और छत्तीसगढ़ पासिंग वाहनों से पहुंचे अधिकारी शामिल थे। यार्ड में पहुंचने के बाद CBI अधिकारियों ने सीधे सीनियर डीएमई के कार्यालय का रुख किया।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने सीनियर डीएमई से शिकायत से जुड़े बिंदुओं पर पूछताछ की। इसके साथ ही कार्यालय में मौजूद संबंधित फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लिया गया। कार्रवाई के दौरान यार्ड में मौजूद रेलवे कर्मचारियों के बीच भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
रनिंग बिल को लेकर सामने आई शिकायत
पूरे मामले की शुरुआत एक ठेकेदार के रनिंग बिल से जुड़ी शिकायत से होने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि काम से संबंधित बिल को आगे बढ़ाने और भुगतान की प्रक्रिया में मंजूरी दिलाने के एवज में कथित तौर पर रकम की मांग की गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और CBI की ओर से भी कार्रवाई के संबंध में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जांच के दौरान CBI को क्या तथ्य और दस्तावेज मिले हैं।
दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच
CBI की टीम ने सीनियर डीएमई के कार्यालय में मौजूद संबंधित दस्तावेजों की जांच की। माना जा रहा है कि जांच अधिकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित रिकॉर्ड, रनिंग बिल और उसकी मंजूरी की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं।
जांच का एक अहम पहलू यह भी हो सकता है कि संबंधित ठेकेदार का बिल किस स्तर पर लंबित था, उसकी मंजूरी की प्रक्रिया क्या थी और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े कोई दस्तावेजी या अन्य साक्ष्य उपलब्ध हैं या नहीं।
रेलवे विभाग में बढ़ी हलचल
चरोदा का पीपी यार्ड रेलवे के लिए महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में शामिल है। यहां रेलवे वैगनों के मेंटेनेंस समेत उनसे जुड़े तकनीकी कार्य किए जाते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण यार्ड में CBI टीम के पहुंचने के बाद रेलवे विभाग में हलचल बढ़ गई।
कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद कर्मचारियों और रेलवे से जुड़े लोगों के बीच मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, जांच पूरी होने और CBI की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
2023 में भी CBI कार्रवाई से सुर्खियों में आया था PP यार्ड
चरोदा स्थित पीपी यार्ड पहले भी CBI की कार्रवाई के चलते चर्चा में रह चुका है। वर्ष 2023 में भी कॉन्ट्रैक्टर से कमीशन लेने के आरोपों से जुड़ी जांच के सिलसिले में CBI की कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।
अब एक बार फिर रनिंग बिल को लेकर कथित रकम मांगने की शिकायत के बाद CBI टीम के पहुंचने से यह रेलवे यार्ड सुर्खियों में है।
फिलहाल CBI की कार्रवाई जारी रहने और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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